पालघर: लोकतंत्र की मजबूती के लिए ‘शुद्ध मतदाता सूची’ अनिवार्य है। पालघर जिला प्रशासन द्वारा वर्तमान में चलाए जा रहे विशेष सखोल पुनर्निरीक्षण (SIR) अभियान ने 51 प्रतिशत का महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ के नेतृत्व में जिले के 23.97 लाख मतदाताओं के डेटा को 100% सटीक बनाने के लिए युद्धस्तर पर कार्यवाही जारी है।

अभियान का उद्देश्य और तकनीक
यह अभियान सामान्य पुनरीक्षण से भिन्न है क्योंकि इसमें वर्तमान डेटा को वर्ष 2002 के मूल रिकॉर्ड के साथ जोड़ा जा रहा है।
- सेल्फ मैपिंग: 40 से 100 वर्ष के लगभग 6.96 लाख मतदाताओं का डेटा डिजिटल रूप से सत्यापित किया गया है।
- प्रोजनी मैपिंग: 18 से 39 वर्ष के 5.42 लाख युवाओं को उनके परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के रिकॉर्ड के साथ लिंक किया जा रहा है।
इसका मुख्य लक्ष्य दोहरी प्रविष्टियों, मृत व्यक्तियों और स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम हटाकर सूची को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है।
क्षेत्रवार प्रगति और प्रशासनिक सख्ती
अभियान के दौरान कुछ विधानसभा क्षेत्रों में प्रदर्शन सराहनीय रहा है, जबकि शहरी क्षेत्रों में सुस्ती देखी गई है:
- अग्रणी क्षेत्र: विक्रमगढ़ (86.50%), डहाणू (81.47%) और पालघर (76.85%)।
- पिछड़े क्षेत्र: नालासोपारा (23.11%), बोईसर (39.23%) और वसई (41.60%)।
जिलाधिकारी ने नालासोपारा, बोईसर और वसई में बीएलओ (BLO) की कम उपस्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता का है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सत्यापन के लिए 13 वैध दस्तावेज
‘जीरो-रेफरेंस’ (जिनका पुराना रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है) मतदाताओं को अपनी सत्यता सिद्ध करने के लिए निम्नलिखित 13 में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है:
| क्रम संख्या | दस्तावेज का नाम |
|---|---|
| 1 | भारतीय पासपोर्ट |
| 2 | आधार कार्ड |
| 3 | पैन कार्ड |
| 4 | ड्राइविंग लाइसेंस |
| 5 | फोटोयुक्त बैंक/डाकघर पासबुक |
| 6 | मनरेगा जॉब कार्ड |
| 7 | फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज |
| 8 | स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड |
| 9 | जन्म प्रमाण पत्र |
| 10 | फोटोयुक्त शैक्षणिक प्रमाण पत्र |
| 11 | सांसदों/विधायकों द्वारा जारी आईडी |
| 12 | सरकारी/PSU सेवा पहचान पत्र |
| 13 | यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड |
प्रशासन का संदेश एवं नागरिकों की भूमिका
प्रशासन ने अब ‘डोर-टू-डोर’ सर्वे के लिए पुलिस, ग्राम पंचायत, नगर निगम और आशा वर्कर्स की संयुक्त टीमें तैनात की हैं। जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी को सूची से बाहर करने के लिए नहीं, बल्कि मतदाता सूची को दोषमुक्त करने के लिए है।
नागरिकों से अपील है कि वे क्षेत्र में आने वाले बीएलओ को सही जानकारी दें या स्वयं निर्वाचन आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाकर अपना विवरण सत्यापित करें।








