काबुल में हुए कथित हवाई हमले के बाद भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना को अमानवीय और निंदनीय बताते हुए सख्त शब्दों में विरोध दर्ज कराया है। मंत्रालय के अनुसार 16 मार्च की रात हुए इस हमले में बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिकों की जान गई। भारत ने स्पष्ट कहा कि इस तरह के हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं और यह मानवता के खिलाफ अपराध है। साथ ही भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

अस्पताल पर हमले को बताया बर्बर कृत्य
विदेश मंत्रालय ने जिस अस्पताल को निशाना बनाया गया उसे पूरी तरह गैर-सैन्य संस्थान बताया है। काबुल का ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट अस्पताल मरीजों के इलाज के लिए समर्पित था और इसका किसी भी सैन्य गतिविधि से कोई संबंध नहीं था। भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान इस हमले को सैन्य कार्रवाई के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है, जो पूरी तरह गलत है। मंत्रालय ने इसे कायरतापूर्ण और बर्बर कृत्य बताया है और कहा है कि अस्पताल और मरीजों को निशाना बनाना किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।
अफगानिस्तान की संप्रभुता पर गंभीर खतरा
भारत ने इस हमले को अफगानिस्तान की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को गंभीर नुकसान पहुंचाती है। भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान का यह कदम उसके लापरवाह रवैये को दर्शाता है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अक्सर अपनी आंतरिक समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए सीमा पार तनाव और हिंसा का सहारा लेता रहा है। इस घटना को भी उसी प्रवृत्ति का हिस्सा बताया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग और संवेदना
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाए और अफगानिस्तान में नागरिकों को निशाना बनाने की घटनाओं को तुरंत रोका जाए। विदेश मंत्रालय ने हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही भारत ने इस कठिन समय में अफगानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता जताई है और उसकी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। रमजान के पवित्र महीने में हुए इस हमले को भारत ने और भी ज्यादा निंदनीय बताया है और कहा है कि यह मानवता और धार्मिक मूल्यों दोनों के खिलाफ है।








