पालघर | खबरदीप जनमंच ब्यूरो दिनांक, 8 मार्च, 2026: पालघर जिले में आज ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर नारी शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। क्रीड़ा व युवक सेवा निदेशालय (महाराष्ट्र राज्य, पुणे), जिला क्रीड़ा अधिकारी कार्यालय और जिला क्रीड़ा परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने खेल और विमर्श के माध्यम से महिलाओं को सशक्त होने का संदेश दिया।

मैदान पर दिखा महिला शक्ति का कौशल
दिवस का मुख्य आकर्षण आर्यन एजुकेशन सोसाइटी का मैदान रहा, जहाँ महिलाओं के लिए क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। चौके-छक्कों की गूँज के बीच महिलाओं ने अपनी खेल भावना का परिचय दिया। केवल खेल ही नहीं, बल्कि छात्राओं और महिलाओं के लिए “सक्षम स्त्री: समाज की आधारशिला” विषय पर एक प्रेरणादायक व्याख्यान भी आयोजित किया गया, जिसमें समाज में सिर उठाकर जीने और चुनौतियों का सामना करने के गुर सिखाए गए।

प्रतिभाओं का सम्मान और गौरवशाली स्मृतियाँ
कार्यक्रम का सबसे भावुक और गौरवान्वित करने वाला क्षण वह था, जब पालघर जिले की उन बेटी-खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है। इन उभरते सितारों को सम्मान चिह्न के साथ-साथ भारत के प्रथम व्यक्तिगत ओलंपिक पदक विजेता ‘ओलंपिक वीर खाशाबा जाधव’ की जीवन पुस्तिका भेंट की गई, ताकि वे उनके संघर्ष से प्रेरणा ले सकें।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन पालघर की उप-जिलाधिकारी सीमा राउत के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस गरिमामयी अवसर पर समाज और खेल जगत की कई प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहीं, जिनमें:
- उपेंद्र घरत (अध्यक्ष, आर्यन एजुकेशन सोसाइटी)
- विभूति मैडम (मुख्याध्यापिका)
- सुहास व्हनमाने (जिला क्रीड़ा अधिकारी)
- मयूर कोल्लम, अमृत घाडगे और निलेश भोईर
विश्लेषण: क्यों खास रहा यह आयोजन?
विशेषज्ञों के नजरिए से देखा जाए तो यह आयोजन केवल एक ‘औपचारिकता’ नहीं बल्कि पालघर की खेल प्रतिभाओं को मुख्यधारा में लाने का एक ठोस प्रयास है। प्रशासन द्वारा पुरस्कार स्वरूप खाशाबा जाधव की जीवनी देना यह सुनिश्चित करता है कि खिलाड़ी अपनी जड़ों और गौरवशाली इतिहास से जुड़े रहें। साथ ही, उप-जिलाधिकारी जैसी वरिष्ठ महिला अधिकारी की उपस्थिति छात्राओं के लिए स्वयं में एक जीवंत उदाहरण (Role Model) रही।








