देश के कई राज्यों में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा ने अपने 9 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। बिहार, असम और ओडिशा से दो-दो प्रत्याशियों का ऐलान किया गया है, जबकि छत्तीसगढ़, हरियाणा और पश्चिम बंगाल से एक-एक उम्मीदवार को मौका मिला है। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने यह लिस्ट जारी की है। इससे साफ हो गया है कि पार्टी राज्यसभा की 37 सीटों पर अपना दबदबा बनाने की तैयारी में है।
नितिन नवीन और बिहार की रणनीति
भाजपा ने बिहार से राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में अपने मौजूदा अध्यक्ष नितिन नवीन को चुना है। बिहार में उनके नाम के ऐलान को पार्टी की अहम राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। नितिन नवीन के साथ बिहार से शिवेश कुमार को भी भाजपा का उम्मीदवार बनाया गया है। यह कदम बीजेपी की राज्य में सियासी ताकत और गठबंधन रणनीति को मजबूत करने के संकेत के रूप में माना जा रहा है।
असम, ओडिशा और अन्य राज्यों के प्रत्याशी
भाजपा ने असम से तेराश गोवाला और जोगेन मोहन को राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है। वहीं, ओडिशा से मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को मौका मिला है। मनमोहन सामल वर्तमान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा, छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा और हरियाणा से संजय भाटिया को भाजपा प्रत्याशी बनाया गया है। इस लिस्ट से स्पष्ट है कि पार्टी हर राज्य में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने के लिए संतुलित और प्रभावी उम्मीदवारों को मैदान में उतार रही है।
राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया और तारीखें
देश के अलग-अलग राज्यों से राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव होगा। मतदान की तारीख 16 मार्च तय की गई है। नामांकन की प्रक्रिया 5 मार्च तक पूरी की जाएगी क्योंकि 3 और 4 मार्च को होली के चलते अवकाश रहेगा। बिहार से 5 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें राज्यसभा उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, प्रेमचंद्र गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह शामिल हैं। हरिवंश और रामनाथ ठाकुर जेडीयू, प्रेमचंद्र गुप्ता और अमरेंद्र धारी आरजेडी और उपेंद्र कुशवाहा रालोमो से आते हैं। इस चुनाव से बिहार और अन्य राज्यों में सियासी समीकरण बदल सकते हैं।








