मुंबई | विशेष संवाददाता (खबरदीप जनमंच), आखाती (खाड़ी) देशों में उत्पन्न युद्ध के हालातों के बीच वहां फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार हाई अलर्ट पर है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्वयं इस पूरी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और नागरिकों की सुरक्षित वापसी व सहायता के लिए केंद्र सरकार के साथ निरंतर समन्वय बनाए हुए हैं।
युद्ध स्तर पर राहत कार्य: मुख्यमंत्री का सीधा दखल
मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि विदेश में फंसे राज्य के हर नागरिक की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और सुरक्षा एजेंसियों से संपर्क साधा है। केंद्र सरकार भी इस मामले में महाराष्ट्र सरकार को हर संभव तकनीकी और कूटनीतिक सहयोग प्रदान कर रही है।
कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन को सौंपी जिम्मेदारी
जमीनी स्तर पर फंसे हुए लोगों तक पहुँचने और सहायता कार्यों में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। श्री महाजन को समन्वय कार्य (Coordination) में सक्रिय रूप से शामिल होने और प्रभावित परिवारों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
दुबई ‘इंडियन पीपल्स फोरम’ के साथ साझेदारी
महाराष्ट्र सरकार ने दुबई स्थित ‘इंडियन पीपल्स फोरम’ के साथ हाथ मिलाया है ताकि स्थानीय स्तर पर फंसे नागरिकों को तुरंत राहत पहुंचाई जा सके। इसी कड़ी में एक विशेष आपातकालीन व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया गया है। मदद के लिए यहाँ करें संपर्क:
सरकार ने अपील की है कि खाड़ी देशों में फंसे नागरिक या उनके परिजन, जिन्हें किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी की आवश्यकता है, वे तुरंत इस नंबर पर संपर्क करें:
✅ आपातकालीन व्हाट्सएप नंबर: +97150 365 4357 ✅ आधिकारिक हैशटैग: #MahaHelpline
खबरदीप जनमंच की अपील: यदि आपका कोई परिचित या परिवार का सदस्य खाड़ी देशों में फंसा है, तो कृपया इस जानकारी को उन तक पहुँचाएं ताकि उन्हें समय पर सरकारी सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि सरकार हर नागरिक की सुरक्षित घर वापसी के लिए प्रतिबद्ध है।







