● चिलार फाटा के समीप श्री अंबाधाम आश्रम में शतचंडी महायज्ञ और देवी भागवत कथा की धूम
● अध्यक्ष श्री विनोद पारसनाथ सिंह बोले— “भगवती की कृपा से पालघर में प्रवाहित हो रही है अध्यात्म की गंगा”
[पालघर ब्यूरो चीफ /अमृता सिंह ]
अध्यात्म और श्रद्धा की धरती भारत में संतों का सानिध्य सदैव लोक-कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। इसी परंपरा को जीवंत करते हुए पालघर जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग पर, चिलार फाटा के निकट स्थित वाडा-खडकोना में ‘वसंत नवरात्रोत्सव’ के अवसर पर एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया किया गया है। श्री गोमतेश्वरी अंबाधाम आश्रम एवं स्व. जडावती देवी पारसनाथ सिंह गौशाला ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘शतचंडी महायज्ञ’ और ‘नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा’ ने संपूर्ण पालघर क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया है।
वृंदावन की विद्वता और भक्ति का संगम
इस महोत्सव के केंद्र में श्रीधाम वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक और विद्वान संत पंडित संजय कृष्ण शास्त्री जी का पावन सानिध्य है। शास्त्री जी की ओजस्वी वाणी से प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक देवी भागवत के रहस्यों का उद्घाटन हो रहा है। उनकी कथा शैली और शास्त्रोक्त ज्ञान का लाभ लेने के लिए मुंबई-अहमदाबाद महामार्ग से सटे इस सुदूर क्षेत्र में श्रद्धालुओं का भारी भीड़ उमड़ रहा है।
अध्यक्ष श्री विनोद पारसनाथ सिंह ने इस आयोजन को दैवीय कृपा का प्रतिफल बताया है। ‘खबरदीप जनमंच’ से विशेष वार्ता में उन्होंने कहा, “भगवती की असीम कृपा और संतों के आशीर्वाद के बिना ऐसे महानुष्ठान की कल्पना भी असंभव है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सुख-शांति और आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने का एक माध्यम है। माता जय अंबे की कृपा से यहाँ आने वाले प्रत्येक भक्त की मनोकामना पूर्ण होगी।”
शतचंडी महायज्ञ से लोक-कल्याण की कामना
वेद मंत्रों की गूंज और आहुतियों की सुगंध से वाडा-खडकोना का आकाश गुंजायमान है। आयोजन के मुख्य सूत्रधार श्री मनोज पारसनाथ सिंह ने बताया कि शतचंडी महायज्ञ का उद्देश्य जन-मानस में सात्विकता का संचार करना है। चिलार फाटा के समीप होने के कारण इस आयोजन में मनोर, वाडा और पालघर के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से भारी संख्या में माता भक्त पहुँच रहे हैं।
27 जनवरी को होगा भव्य पूर्णाहुति समारोह
19 जनवरी से निरंतर चल रहे इस आध्यात्मिक यज्ञ का भव्य समापन आगामी मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को होगा। इस दिन पंडित संजय कृष्ण शास्त्री जी के मार्गदर्शन में महायज्ञ की पूर्णाहुति दी जाएगी। तत्पश्चात भव्य महाआरती और विशाल ‘महाप्रसाद’ (भंडारा) दिन 12:00 से रात्रि 12:00 तक चलेगा जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है।
पालघर की इस पावन धरा पर संतों का आगमन और शक्ति की उपासना का यह क्रम क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में एक नया अध्याय लिख रहा है।
पालघर के राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाडा-खडकोना में भक्ति का महाकुंभ: संत पंडित संजय कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में गूंज रहे शक्ति के मंत्र |
By मदन सिंह
On: Saturday, January 24, 2026 9:14 PM
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