पालघर, 21 जनवरी 2026:
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) माकपा के नेतृत्व में चारोटी से पालघर तक आयोजित लॉन्ग मार्च में किसानों, आदिवासियों और सामाजिक संगठनों ने स्थानीय और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर अपनी मांगें प्रस्तुत कीं। लगभग 60 किलोमीटर की दो दिवसीय पदयात्रा के बाद आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी डॉ. इंद्राणी जाखड़ के साथ विस्तृत वार्ता की।
वार्ता में प्रमुख रूप से भूमि अधिकार, वनाधिकार, सिंचाई, पेयजल, आवास, रोजगार, शिक्षा और राशन व्यवस्था के मुद्दे उठाए गए। इसके परिणामस्वरूप प्रशासन ने स्थानीय मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई का रोडमैप प्रस्तुत किया। इस प्रक्रिया को देखते हुए प्रस्तावित जिलाधिकारी कार्यालय घेराव को स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
प्रमुख आश्वासन और कार्रवाई का रोडमैप
- वनाधिकार और भूमि:
जिले में लंबित सभी वनाधिकार दावों का समयबद्ध निपटारा।
वास्तविक काश्त से कम भूमि प्राप्त किसानों के मामलों में स्थल निरीक्षण कर उचित माप से भूमि हस्तांतरित की जाएगी।
देवस्थान, इनाम, वरकस, गायरान और अन्य सरकारी जमीनों का नामांतरण नियत समयसीमा में किया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विशेष समिति का गठन, जिसमें आंदोलनकारियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
- बिजली और स्मार्ट मीटर:
स्मार्ट मीटर योजना से संबंधित मांगों को राज्य सरकार को प्रस्तावित किया जाएगा।
घर मालिक की अनुपस्थिति में मीटर परिवर्तन न करने के निर्देश।
- रोजगार और मनरेगा:
मनरेगा के तहत मजदूरी वृद्धि और रोजगार सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
भूमि अधिग्रहण से प्रभावित स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता।
- शिक्षा और स्कूल:
जिला परिषद स्कूलों के रिक्त पदों को भरने के लिए अगले माह संविदा आधारित भर्ती प्रक्रिया।
- आवास और जलापूर्ति:
प्रधानमंत्री आवास योजना / घरकुल योजना में शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई।
जल जीवन मिशन की लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश।
पेयजल और सिंचाई जल स्थानीय जरूरतों के अनुसार उपलब्ध कराया जाएगा।
- राज्य और केंद्र स्तर के मुद्दे:
वधवन और मुरबे बंदरगाह परियोजनाओं, स्मार्ट मीटर और मनरेगा जैसे विषयों पर आंदोलनकारियों की मांगों को राज्य व केंद्र सरकार तक औपचारिक रूप से पहुँचाया जाएगा।
जिलाधिकारी का संदेश
“प्रशासन नागरिकों की मांगों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। स्थानीय मुद्दों पर समयसीमा तय कर कार्रवाई शुरू की जाएगी। जनहित को ध्यान में रखते हुए आंदोलन को स्थगित करना उचित निर्णय है।”
आंदोलनकारियों की प्रतिक्रिया
माकपा और सहयोगी संगठनों ने स्पष्ट किया कि यह स्थगन संघर्ष की समाप्ति नहीं है। यदि तय समयसीमा में कार्यवाही नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप में पुनः जारी किया जाएगा।
सारांश संदेश
पालघर लॉन्ग मार्च ने किसानों, आदिवासियों और श्रमिक वर्ग के अधिकारों और स्थानीय मुद्दों पर संगठित जनसमर्थन का संदेश दिया। प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच संवाद प्रक्रिया प्रारंभ होने से स्थानीय मुद्दों के समाधान की प्रक्रिया सक्रिय हो गई है।






