खिलाड़ी संकटों में नहीं डगमगाते : प्राचार्य डॉ. किरण सावे
पालघर, दिनांक 15 जनवरी :
खिलाड़ी किसी भी प्रकार की विपरीत परिस्थितियों में कभी डगमगाता नहीं है। यदि कोई अध्ययनशील विद्यार्थी कम अंक प्राप्त करता है तो वह हतोत्साहित हो सकता है, किंतु खिलाड़ी की मानसिकता भिन्न होती है। वह साहसपूर्वक हर संकट का सामना करता है। इसी दृढ़ जिजीविषा और आत्मबल के कारण खिलाड़ी कला, क्रीड़ा, सेवा, व्यवसाय सहित विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करते हैं। यह प्रतिपादन दांडेकर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. किरण सावे ने राज्य क्रीड़ा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में खिलाड़ियों को मार्गदर्शन करते हुए किया।
भारत के महान ओलंपिक वीर खाशाबा जाधव की जयंती के उपलक्ष्य में 15 जनवरी को पालघर जिले में राज्य क्रीड़ा दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य डॉ. किरण सावे के शुभहस्ते संपन्न हुआ। अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि खाशाबा जाधव का नाम क्रीड़ा क्षेत्र में ऊर्जा का प्रतीक है। इस ऊर्जा को खेलों में पदक प्राप्ति में परिवर्तित कर खिलाड़ियों को ओलंपिक तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए।
खाशाबा जाधव की जयंती के अवसर पर चर्चासत्र का आयोजन किया गया। साथ ही दांडेकर महाविद्यालय एवं जिला क्रीड़ा संकुल में सॉफ्टबॉल, कबड्डी, बैडमिंटन, वॉलीबॉल आदि विभिन्न खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इस अवसर पर पालघर जिले के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा मार्गदर्शकों तथा निर्णायकों (अंपायर/पंच) का सम्मान भी किया गया।
इसके अतिरिक्त, जिला क्रीड़ा अधिकारी, पालघर श्री सुहास वनमाने की ओर से जिले की समस्त शालाओं एवं महाविद्यालयों से 15 जनवरी को खाशाबा जाधव की जयंती राज्य क्रीड़ा दिवस के रूप में मनाने का आवाहन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपप्राचार्य डॉ. महेश देशमुख, क्रीड़ा संचालक संतोष चुरी, सत्तू कदम महाविद्यालय के प्रीतम घरत, दिगंबर कदम, शुभांगी पाटील, प्रीतेश पाटील, राकेश ठाकरे, उज्वला लांडगे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।






