पालघर, 12 जनवरी (जिमाका):
सिख धर्म के नौवें गुरु, “हिंद दी चादर” के नाम से विख्यात श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहिदी समागम वर्ष के अवसर पर महाराष्ट्र के नांदेड में 24 और 25 जनवरी को एक भव्य एवं ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर सिख, सिकलीगर, बंजारा, लबाना, सिंधी, मोहयाल, वाल्मीकि, भगत नामदेव और उदासीन—इन नौ समाजों व संप्रदायों की सहभागिता से राष्ट्रीय एकता और मानवता का अनुपम दर्शन होगा।
इस समागम का प्रमुख उद्देश्य श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के त्याग, बलिदान तथा मानवाधिकारों की रक्षा हेतु दी गई शहादत के गौरवशाली इतिहास को देश-विदेश तक पहुंचाना है। दो दिवसीय इस महाआयोजन में देश और विदेश से लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जिससे नांदेड शहर एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनेगा।
अल्पसंख्यक विकास एवं औकाफ विभाग की राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने अपने वीडियो संदेश के माध्यम से श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहिदी समागम वर्ष के अवसर पर देशभर में “हिंद दी चादर” कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उनके विचार और संदेश समाज के अंतिम पंक्ति तक पहुंचें, इसी उद्देश्य से महाराष्ट्र में नांदेड, नवी मुंबई सहित विभिन्न स्थानों पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने अन्याय के आगे झुके बिना राष्ट्र के लिए प्राणों की आहुति दी और यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है तथा शांति का संदेश देना ही प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
अल्पसंख्यक विकास एवं औकाफ विभाग के सचिव रुचेश जयवंशी ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी केवल सिख समाज के गुरु नहीं थे, बल्कि वे मानवाधिकारों के महान रक्षक थे। उन्होंने विभिन्न समाजों को एक सूत्र में पिरोने का अद्वितीय कार्य किया। उनके 350वें शहिदी समागम वर्ष के अवसर पर महाराष्ट्र शासन द्वारा राज्यभर में विविध उपक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से गुरु तेग बहादुर साहिब जी का महाराष्ट्र से जुड़ा अटूट संबंध भी रेखांकित होगा।
राज्य शासन के निर्देशानुसार नवी मुंबई, नांदेड और ठाणे जिलों के प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक एवं सूक्ष्म नियोजन किया गया है। यातायात प्रबंधन, चिकित्सा सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
न्याय का संदेश, मानवता का आदर्श और राष्ट्रीय एकता का गौरव प्रस्तुत करने वाला यह शहिदी समागम नवी मुंबई और नांदेड के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित होने जा रहा है।






