- पालघर (वाड़ा)
महाराष्ट्र के पालघर जिले के वाड़ा तालुका स्थित आइडियल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक 21 वर्षीय हिंदू छात्रा ने अपने साथ धार्मिक आधार पर उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया है। छात्रा की शिकायत के आधार पर वाड़ा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
🕰️ घटना का विवरण
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़िता मूल रूप से नासिक जिले की निवासी है और संबंधित मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत है।
तारीख व समय: 4 जनवरी की रात लगभग 11:30 बजे
स्थान: कॉलेज परिसर स्थित छात्रावास (हॉस्टल)
घटना: छात्रा जब अपने कमरे से बाहर पानी लेने के लिए कॉरिडोर में निकली, तभी चेहरे पर सफेद कपड़ा बांधे एक अज्ञात युवती ने उसका रास्ता रोक लिया।
आरोप: पीड़िता का कहना है कि उक्त युवती ने उस पर धार्मिक क्रिया (नमाज़) करने का दबाव बनाया और इंकार करने पर धमकी दी गई।
🏫 कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
पीड़िता के अनुसार, घटना के तुरंत बाद उसने हॉस्टल वार्डन और कॉलेज प्रशासन को इसकी जानकारी दी, लेकिन शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। प्रशासनिक स्तर पर तत्काल कोई आंतरिक जांच समिति गठित न किए जाने से मामला और तूल पकड़ गया।
🚨 विरोध प्रदर्शन के बाद सक्रिय हुई पुलिस
घटना की जानकारी सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया। इसके पश्चात वाड़ा पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए मामला दर्ज किया।
दर्ज धाराएं
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत मामला पंजीकृत किया है—
धारा 126: गलत तरीके से रास्ता रोकना
धारा 299: धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप
महाराष्ट्र रैगिंग निषेध अधिनियम (धारा 4): मानसिक उत्पीड़न से संबंधित प्रावधान
जांच के दायरे में सुरक्षा व्यवस्था
यह मामला कॉलेज की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है
आधी रात में चेहरा ढककर घूमने वाली युवती कौन थी?
सीसीटीवी कैमरे उस समय सक्रिय थे या नहीं?
शिकायत के बाद तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
पुलिस का पक्ष
पालघर पुलिस के अनुसार,
“कॉलेज परिसर और हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। वार्डन, सुरक्षा कर्मियों और संबंधित स्टाफ के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
फिलहाल मामला जांचाधीन है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। यह प्रकरण न केवल एक छात्रा की सुरक्षा से जुड़ा है, बल्कि शिक्षण संस्थानों में अनुशासन, संवेदनशीलता और सुरक्षा प्रबंधन पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।






