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वाढवण पोर्ट स्किलिंग से आदिवासी युवाओं को आत्मनिर्भरता की राहडहाणू में चारपहिया वाहन सेवा तकनीशियन का निःशुल्क प्रशिक्षण प्रारंभ |

On: Saturday, January 3, 2026 12:40 PM
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खबरदीप जनमंच | पालघर

पालघर जिले में आदिवासी एवं ग्रामीण युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में वाढवण पोर्ट स्किलिंग कार्यक्रम के तहत डहाणू में चारपहिया वाहन सेवा तकनीशियन (फोर व्हीलर सर्विस टेक्नीशियन) विषय पर निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड़ के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ डहाणू तालुका के दो आदिवासी छात्रावासों के कुल 76 विद्यार्थियों को मिल रहा है। इनमें आदिवासी बालक छात्रावास (नया), वडकून के 40 तथा आदिवासी बालक छात्रावास (पुराना), आगर के 36 विद्यार्थी शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान वाहन मरम्मत, सेवा एवं रखरखाव से जुड़ी तकनीकी जानकारी के साथ-साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे प्रतिभागी सीधे रोजगार अथवा स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा सकें।

प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात प्रतिभागियों को वाहन चालक परवाना (ड्राइविंग लाइसेंस) उपलब्ध कराया जाएगा। प्रारंभिक चरण में हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) तथा भारी मालवाहक वाहन व्यावसायिक (एचसीवी) श्रेणी के लाइसेंस दिए जाएंगे। इसके साथ ही आगामी चरणों में औद्योगिक क्रेन चालक और पोर्ट क्रेन चालक के लिए विशेष प्रशिक्षण की योजना भी तैयार की गई है, जिससे युवाओं को भविष्य में व्यापक रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।

विशेषज्ञों के अनुसार, पालघर जिले में चल रहे औद्योगिक, बंदरगाह एवं बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं के चलते वाहन चालकों और कुशल तकनीशियनों की मांग निरंतर बढ़ रही है। ऐसे में चारपहिया वाहन सेवा तकनीशियन का यह प्रशिक्षण स्थानीय युवाओं के लिए समयानुकूल और अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। यह कार्यक्रम न केवल युवाओं को नौकरी के लिए तैयार करता है, बल्कि उन्हें स्वयं का गैराज अथवा सेवा केंद्र शुरू करने जैसे स्वरोजगार के अवसर भी प्रदान करता है।

सहायक जिलाधिकारी एवं परियोजना अधिकारी श्री विशाल खत्री ने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में इस योजना का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के बाद रोजगार उपलब्ध कराने हेतु मार्गदर्शन भी किया जाएगा। उनका कहना है कि कौशल आधारित प्रशिक्षण से आदिवासी युवाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और वे समाज की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती से जुड़ सकेंगे।

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट के माध्यम से संचालित वाढवण पोर्ट स्किलिंग कार्यक्रम ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कौशल विकास की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है। यह पहल न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार प्रदान करने की क्षमता रखती है, बल्कि क्षेत्रीय विकास और राष्ट्रीय आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देने वाली सिद्ध हो रही है।

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