डहाणू (पालघर)।
डहाणू नगरपरिषद चुनाव 2025 ने शहर की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। मतदाताओं की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि स्थानीय जनसमस्याओं और नेतृत्व को लेकर जनता सजग है। मंगलवार, 2 दिसंबर को संपन्न हुए मतदान में कुल 38,693 पंजीकृत मतदाताओं में से 26,014 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस प्रकार 67.23 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जिसे लोकतांत्रिक दृष्टि से उल्लेखनीय माना जा रहा है। चुनाव परिणाम रविवार, 21 दिसंबर को घोषित किए गए।
नगराध्यक्ष पद पर शिंदे गुट की निर्णायक जीत
नगराध्यक्ष पद के लिए हुए प्रत्यक्ष चुनाव में शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार राजेंद्र माच्छी ने निर्णायक जीत हासिल की। उन्हें कुल 14,815 मत प्राप्त हुए, जबकि भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार भरत राजपूत को 10,760 मत मिले। इस प्रकार 4,055 मतों के स्पष्ट अंतर से राजेंद्र माच्छी नगराध्यक्ष निर्वाचित हुए।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह जीत शिंदे गुट के लिए विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह जनमत से सीधे तय हुआ चुनाव था, जिसमें मतदाताओं ने नेतृत्व पर भरोसा जताया।
नगरसेवक चुनाव में भाजपा का बहुमत
नगराध्यक्ष पद के विपरीत, नगरसेवक चुनाव के नतीजों में भाजपा का दबदबा साफ नजर आया। 13 प्रभागों में कुल 27 नगरसेवक पदों में से भाजपा ने 17 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया।
वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के 8 नगरसेवक निर्वाचित हुए, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) को केवल 2 सीटों से संतोष करना पड़ा।
नगरपरिषद में उभरे नए सत्ता संतुलन
नगरपरिषद में भाजपा का संख्याबल मजबूत होने के बावजूद नगराध्यक्ष पद शिंदे गुट के पास जाने से डहाणू की राजनीति में नया सत्ता संतुलन उभरकर सामने आया है। ऐसे में आने वाले समय में परिषद की कार्यप्रणाली, विकास योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों में राजनीतिक समन्वय की अहम भूमिका रहने वाली है।
परिणाम घोषित होते ही शिवसेना (शिंदे गुट) और सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं ने शहर में विजय जुलूस निकालकर उत्साह व्यक्त किया।
विकास बनाम राजनीतिक टकराव की संभावना
नवनिर्वाचित नगराध्यक्ष राजेंद्र माच्छी ने कहा कि वे डहाणू के सर्वांगीण विकास के लिए सभी वर्गों और राजनीतिक दलों को साथ लेकर कार्य करेंगे। वहीं, भाजपा ने नगरसेवकों में बहुमत के आधार पर परिषद में सशक्त और निर्णायक भूमिका निभाने के संकेत दिए हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि डहाणू नगरपरिषद चुनाव 2025 के ये नतीजे आने वाले वर्षों में विकास की दिशा, प्रशासनिक संतुलन और राजनीतिक संघर्ष—तीनों को प्रभावित करने वाले साबित हो सकते हैं।
✍️ विशेष संवाददाता
खबरदीप जनमंच
(राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक)






