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पालघर–टाकवहाल संवाददाता
पालघर जिले के टाकवहाल जिला परिषद मराठी स्कूल में 14 नवंबर को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती के अवसर पर बालदिवस उत्साह और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। “चाचा नेहरू” के प्रति बच्चों के सहज प्रेम की झलक पूरे कार्यक्रम में दिखाई दी।
स्कूल में बालदिवस के उपलक्ष्य में भाषण, रैली और सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन ने पूरे परिसर को आनंदमय बना दिया। बच्चों ने उत्साह और आत्मविश्वास के साथ कार्यक्रमों में सहभाग लेकर अपनी प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षिका सुवर्णा देशमुख ने पंडित नेहरू के जीवन, आदर्शों और बच्चों के प्रति उनके समर्पण पर प्रकाश टाला।
दप्तर (स्कूल बैग) वितरण बना मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा — पहली कक्षा के विद्यार्थियों के बीच दप्तर वितरण।
यह उपक्रम चांदिवली, मुंबई स्थित चेरीटेबल ट्रस्ट की मीना बेसियन तथा शिक्षिका सुवर्णा देशमुख वडगणे और उनके पति शिक्षक राजेंद्र वडगणे के संयुक्त प्रयासों से संभव हुआ। दप्तर के साथ छात्रों को चॉकलेट भी वितरित की गई, जिससे नन्हे विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी की चमक साफ दिखाई दी।
स्थानीय उपस्थिती ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में अंगणवाड़ी कार्यकर्ती सुरेखा रावते, पालकवर्ग और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। टाकवहाल के समाजमंदिर में संपन्न यह आयोजन बच्चों और अभिभावकों दोनों के लिए प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।
माताओं के लिए ‘निपुण महाराष्ट्र’ अभियान का विशेष सत्र
इसी दौरान बच्चों की माताओं के लिए निपुण महाराष्ट्र अभियान अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
अभियान का उद्देश्य इयत्ता 2 से 5 के विद्यार्थियों में मूलभूत साक्षरता और संख्याज्ञान को मजबूत करना है। वर्ष 2026–27 तक अपेक्षित शिक्षण स्तर प्राप्त करने का लक्ष्य इस अभियान के माध्यम से रखा गया है। इसमें स्वयंसेवकों और अभिभावकों की मदद से प्रतिदिन न्यूनतम एक घंटे की शैक्षणिक गतिविधि पर बल दिया जाता है।
कार्यक्रम ने अभिभावकों में बच्चों की शिक्षा, नियमितता और घर पर पढ़ाई के महत्व को लेकर सकारात्मक जागरूकता पैदा की।
टाकवहाल ZP स्कूल में आयोजित बालदिवस कार्यक्रम ने बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच शिक्षा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व का सुंदर संदेश प्रसारित किया।






