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वाढवण तट के पास ‘अमृत–16’ टगबोट हादसा; पांच नाविक सुरक्षित, एक लापता |

On: Thursday, November 13, 2025 7:42 PM
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तटरक्षक दल की तत्परता से टला बड़ा समुद्री अनर्थ

राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक खबरदीप जनमंच
तारीख: 12 नवंबर 2025 | संवाददाता: डहाणू (पालघर

पालघर जिले के वाढवण समुद्र तट के समीप सोमवार तड़के ‘अमृत–16’ टगबोट समुद्र में डूब जाने की घटना ने तटीय सुरक्षा व्यवस्था को एक बार फिर परखा। बोट पर सवार छह में से पांच नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक नाविक राहुलकुमार यादव (23) अब भी लापता हैं।
भारतीय तटरक्षक दल की त्वरित और समन्वित कार्रवाई से बड़ा समुद्री हादसा टल गया।

घटना का क्रम

सूत्रों के अनुसार, ‘अमृत–16’ टगबोट मुंबई के दारुखाना से 8 नवंबर को समुद्री गश्त मिशन पर रवाना हुई थी।
12 नवंबर की भोर लगभग दो बजे इंजन रूम में पानी घुसने से बोट असंतुलित होकर डूबने लगी। संकट के बीच पांच नाविकों ने समय रहते बाहर निकलकर पास की ‘अन्नपूर्णा’ टगबोट की मदद से अपनी जान बचाई।

बचाव अभियान में तटरक्षक दल की भूमिका

घटना की जानकारी रात लगभग तीन बजे मुंबई स्थित एमआरसीसी (Maritime Rescue Coordination Centre) को दी गई।
कमांडेंट जितु आई. जोस के मार्गदर्शन में IC–117 बचाव बोट तत्काल रवाना की गई।
सुबह सात बजे सभी पांचों नाविकों को सुरक्षित डहाणू तट पर लाया गया और प्राथमिक उपचार के लिए डहाणू उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

डॉ. प्रभाकर भोये के अनुसार, प्रारंभिक अवस्था में तीन नाविकों की स्थिति गंभीर थी, किंतु त्वरित चिकित्सीय सहायता से अब सभी की हालत स्थिर है।

सुरक्षित नाविकों की पहचान

  1. पवन विष्णु राम
  2. धर्मेंद्र सिंह
  3. गोविंद महतो
  4. सुरज विश्वकर्मा
  5. जदन पठानिया

राहुलकुमार यादव की खोज भारतीय तटरक्षक दल द्वारा निरंतर जारी है।

विश्लेषणात्मक टिप्पणी

यह दुर्घटना समुद्री सुरक्षा और आपदा प्रबंधन प्रणाली की सतर्कता की सजीव मिसाल है।
तटरक्षक दल की त्वरित प्रतिक्रिया, स्थानीय बोट ऑपरेटरों का समन्वय और बचाव कर्मियों का मानवीय दृष्टिकोण — इन तीनों ने मिलकर एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।
घटना के बाद तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने टगबोट के इंजन रूम में आई तकनीकी गड़बड़ी और सुरक्षा उपकरणों की कार्यशीलता की जांच प्रारंभ कर दी है।

निष्कर्ष

‘अमृत–16’ हादसा यह दर्शाता है कि समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा मानकों के प्रति निरंतर सतर्कता आवश्यक है।
भारतीय तटरक्षक दल की तत्परता और पेशेवर दक्षता ने न केवल पांच जिंदगियां बचाईं बल्कि समुद्री आपदाओं से निपटने की क्षमता पर भी जनता का विश्वास मजबूत किया है।

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