पालघर में शिक्षा की नई अलख: ₹30 करोड़ के अत्याधुनिक आदिवासी शैक्षणिक परिसर का लोकार्पण

स्कूल के पहले दिन मिला अनोखा तोहफा; नए सत्र के साथ अत्याधुनिक सुविधाओं की शुरुआत।
अपर मुख्य सचिव विकास खारगे बोले- ‘आज के बच्चे ही देश का भविष्य, इन्हें तराशना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी।’
डीएम डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने पेश की मिसाल, बेटियों को प्रशासनिक सेवाओं में आने के लिए किया प्रेरित।
पालघर, 15 जून २०२६।
पालघर जिले के दहानू तालुका अंतर्गत सूत्रकार स्थित शासकीय आश्रम स्कूल में सोमवार का दिन दोहरी खुशियों की सौगात लेकर आया। एक तरफ जहाँ नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन बच्चों का ढोल-नगाड़ों और उत्साह के साथ स्वागत हुआ, वहीं दूसरी ओर ₹30 करोड़ की भारी-भरकम लागत से बनकर तैयार हुए अत्याधुनिक शैक्षणिक परिसर का भव्य लोकार्पण किया गया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद महाराष्ट्र के अपर मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खारगे ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा, “आज के छात्र ही देश का स्वर्णिम भविष्य हैं। उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक कर्तव्य है।“
बदली व्यवस्था, पहले ही दिन बंटीं किताबें और यूनिफॉर्म
अपने संबोधन में विकास खारगे ने पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि पहले स्कूलों में सत्र के पहले दिन ऐसा उत्साह और माहौल नहीं दिखता था। लेकिन आज शिक्षा को लेकर सरकार, प्रशासन, शिक्षक और जनप्रतिनिधि पूरी तरह गंभीर हैं। उन्होंने खुशी जाहिर की कि स्कूल के पहले ही दिन छात्रों को किताबें, कॉपियाँ, यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक शिक्षण सामग्रियां उपलब्ध करा दी गईं।
सूत्रकार में बने इस नए स्कूल और छात्र-छात्राओं के लिए तैयार किए गए आधुनिक व सर्वसुविधायुक्त हॉस्टल (छात्रावास) की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “आदिवासी बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने की दिशा में यह सरकार का एक मील का पत्थर है।” इसके साथ ही उन्होंने संबंधित विभागों को कड़ी हिदायत दी कि निर्माण के साथ-साथ इन भवनों के बेहतर रखरखाव (मेंटेनेंस) पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

“बेटियां छू सकती हैं आसमान” – जिलाधिकारी की मिसाल
अपर मुख्य सचिव ने कार्यक्रम में मौजूद आदिवासी समाज की बेटियों का हौसला बढ़ाते हुए मंच पर उपस्थित पालघर की जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “आज बेटियां डॉक्टर, आईएएस, वैज्ञानिक, इंजीनियर और पुलिस अफसर बनकर देश संभाल रही हैं। ज़रूरत सिर्फ इस बात की है कि माता-पिता अपनी बेटियों पर भरोसा करें और उन्हें शिक्षा से कभी वंचित न रखें।”
जमीन के कानूनों को सरल भाषा में समझाएगी ‘विशेष पुस्तक’
इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने राजस्व विभाग की एक अनूठी पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आम नागरिकों को जमीन के अधिकार, सातबारा (7/12 उतारा) और उत्तराधिकार (वारिस हक्क) जैसे पेचीदा कानून आसान भाषा में समझाने के लिए एक विशेष मार्गदर्शिका (पुस्तक) तैयार की गई है। डॉ. जाखड़ ने कहा, “हम बच्चों को शिक्षित और जागरूक कर उनके माध्यम से पूरे समाज में वैचारिक परिवर्तन लाने का प्रयास कर रहे हैं।”
वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया जमीनी हकीकत का जायजा
कार्यक्रम के समापन पर छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक किट वितरित की गई। इसके बाद अपर मुख्य सचिव विकास खारगे ने ग्राम पंचायत गंजाड का दौरा कर वन पट्टा धारकों के लिए चल रहे ‘ई-केवाईसी’ (e-KYC) शिविर का निरीक्षण किया। साथ ही, उन्होंने कोटबी-बुजडपाडा स्थित जिला परिषद स्कूल का औचक दौरा कर जमीनी स्तर पर शिक्षा की व्यवस्थाओं को परखा।
इस गरिमामयी समारोह में स्थानीय विधायक विनोद निकोले, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मनोज रानडे, दहानू के परियोजना अधिकारी विशाल खत्री, सहायक परियोजना अधिकारी बंसीलाल पाटिल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक और छात्र उपस्थित रहे।
- ब्यूरो रिपोर्ट, पालघर।






