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पालघर में बाढ़ और डूबने से बचाने के लिए आया हाई-टेक रोबोट, पानी में उतरकर बचाएगा लोगों की जान

On: Saturday, July 25, 2026 12:10 PM
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पालघर:
राज्य में आपदा प्रबंधन को और अधिक मजबूत, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी कड़ी में, महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की तरफ से जिलों को अत्याधुनिक रिमोट से चलने वाले रोबोटिक वॉटर क्राफ्ट (नाव) उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसी योजना के तहत आज पालघर जिले में इस आधुनिक बचाव उपकरण का सफल परीक्षण (ट्रायल) किया गया।

दो जगहों पर हुआ रोबोट का परीक्षण
इस आधुनिक मशीन की जांच के लिए पालघर जिले में दो अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम रखे गए:

  • पहला परीक्षण (सुबह 11:00 बजे): सूर्य नदी पर मासवन पुल के पास बहते पानी में रोबोट की जांच की गई। इस दौरान अधिकारियों ने देखा कि यह पानी में कितनी तेजी से चलता है, रिमोट से कितनी आसानी से कंट्रोल होता है और मुसीबत में फंसे लोगों को बचाने में कितना मददगार है।
  • दूसरा परीक्षण (शाम 4:00 बजे): पालघर के गणेश कुंड में दूसरा प्रदर्शन किया गया।
    इस मौके पर महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी श्री नितीन मसाले, पालघर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), अग्निशमन दल (फायर ब्रिगेड), 108 एम्बुलेंस सेवा और अन्य विभागों के प्रमुख लोग मौजूद थे। इस दौरान अधिकारियों और बचाव टीमों को बताया गया कि इस रोबोट को कैसे चलाया जाता है और बाढ़ जैसी आपदा में यह किस तरह से काम आता है।
    क्या है यह रोबोट और इसके क्या फायदे हैं?
  • बैटरी से चलता है: यह रिमोट से चलने वाला रोबोट बैटरी पर काम करता है।
  • बचाव कर्मियों की जान का खतरा नहीं: बाढ़, तेज नदी के बहाव या गहरे पानी में डूब रहे इंसान तक पहुंचने के लिए पहले बचाव दल के लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर खुद पानी में उतरना पड़ता था। लेकिन अब यह रोबोट बिना किसी इंसान को खतरे में डाले, सीधे उस व्यक्ति तक सुरक्षित पहुंच जाता है।
  • काम करने में आसानी: रिमोट से कंट्रोल होने के कारण खतरनाक पानी में भी रेस्क्यू ऑपरेशन बहुत सुरक्षित तरीके से किया जा सकता है।
  • मददगार टीम: यह उपकरण NDRF, फायर ब्रिगेड और स्थानीय बचाव टीमों के साथ मिलकर काम करेगा, जिससे राहत और बचाव का काम बहुत तेजी से हो पाएगा।
    पालघर जिले के लिए यह तकनीक क्यों जरूरी है?
    पालघर जिले में हर साल मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो जाती है। इसके अलावा, जिले में कई नदियां, खाड़ियां और एक लंबा समुद्र तट भी मौजूद है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, इस तरह की आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने से आपदा से पहले की तैयारी मजबूत होगी और आपातकाल के समय लोगों को तुरंत मदद पहुंचाई जा सकेगी।
    इस परीक्षण के सफल होने के बाद, पालघर जिले की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से यह रोबोटिक वॉटर क्राफ्ट सबसे पहले पालघर को मिलने की उम्मीद जताई गई है। इसके आ जाने से जिले की आपदा से निपटने की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी और किसी भी जल-संकट का मुकाबला बहुत आसानी से किया जा सकेगा।

“आधुनिक बचाव तकनीकों को अपनाने से पालघर जिले की आपदा प्रबंधन व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी, जिससे भविष्य में किसी भी मुसीबत या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हमारी तैयारी पूरी तरह पक्की हो जाएगी।”

डॉ. इंदू रानी जाखड़

जिला कलेक्टर तथा अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पालघर

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